दीपांजन रॉयचौधरी, नई दिल्ली आईसीसी में शनिवार को मजबूत भारतीय टीम के पसीने छुड़ाने वाली की क्रिकेट टीम ने एक भारतीय ब्रैंड- की जर्सी पहनी थी। अफगानिस्तान के तमाम परिवारों के लिए अमूल एक जाना-पहचाना नाम है। इससे यह भी दिख रहा है कि भारत इस युद्ध प्रभावित देश में खेल को बढ़ावा देने में किस तरह सहयोग कर रहा है। युद्ध के बाद सामान्य हालत की ओर लौट रहा यह देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए जूझ रहा है। ऐसे में कम से कम क्रिकेट को इस देश में लोगों को जोड़ने, हालात को बेहतर बनाने वाली शक्ति और इसके क्रिकटरों को हीरो के तौर पर देखा जा रहा है, जो अफगानियों के लिए कुछ हद तक गौरव भरे क्षण ला रहे हैं। अफगानिस्तान में भारत खेल के प्रचारक की अपनी मूल भूमिका में वापस लौट आया है। भारत वहां दो क्रिकेट स्टेडियमों के निर्माण में मदद कर रहा है, जिनमें से एक तालिबान के गढ़ माने जाने वाले कंधार और दूसरा 2001 में मारे गए ताजिक लीडर अहमद शाह मसूद के गढ़ रहे मजार-ए-शरीफ में है। इतना ही नहीं, भारत ने अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को ग्रेटर नोएडा और देहरादून में मैदान मुहैया कराए हैं और लखनऊ के नाम पर तीसरे होम ग्राउंड के तौर पर विचार हो रहा है। किसी भी क्रिकेटर की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रैक्टिस के लिए हाई-क्लास प्लेयर्स की मदद पाने के लिए होम ग्राउंड्स काफी जरूरी होते हैं। बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) भी अफगान क्रिकेट टीम को टेक्निकल और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करा रहा है। बीसीसीआई रणजी ट्रोफी सीजन के दौरान अफगानिस्तान से 10 क्रिकेट कोच को भी बुलाने की तैयारी कर रहा है। यह तीसरी बार है जब अमूल ने वर्ल्ड कप में किसी क्रिकेट टीम को स्पॉन्सर किया है। इससे पहले उसने न्यूजीलैंड और नीदरलैंड्स की टीमों को स्पॉन्सर किया था। भारत और अफगानिस्तान, दोनों इस इलाके में शांति स्थापित करना चाहते हैं और क्रिकेट इस मामले में भारत की कूटनीतिक रणनीति में मदद करेगा। अफगानिस्तान में भारत के पूर्व राजदूत विवेक काटजू ने ईटी से कहा, 'अमूल की स्पॉन्सरशिप से भारत को अफगान लोगों से दोस्ती के मजबूत संबंधों को और गहरा बनाने में मदद मिलेगी।' अमूल और अफगानिस्तान का एक पुराना नाता भी है। सीमांत गांधी खान अब्दुल गफ्फार खान 1969 में अमूल का प्लांट देखने आए थे। अमूल ब्रैंड्स के नाम से डेयरी प्रॉडक्ट्स की मार्केटिंग करने वाली गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) सालाना करीब 200 करोड़ रुपये के प्रॉडक्ट्स अफगानिस्तान में एक्सपोर्ट करती है। अफगानिस्तान के डिवेलपमेंट सेक्टर में भारत ने काफी निवेश किया है। अमूल के साथ डील की घोषणा करते हुए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर असदुल्लाह खान ने कहा था, 'यह अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए एक बड़ा दिन है और हमें इस बात की खुशी है कि वर्ल्ड कप में अमूल हमारा स्पॉन्सर होगा।'
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WC: अफगान टीम की जर्सी पर अमूल, ये वजह
Reviewed by Ajay Sharma
on
June 23, 2019
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